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पुलवामा हमला मामला: पुलवामा हमले की आरोपी इंशा जान की ज़मानत अर्ज़ी खारिज

  
  
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  यहां की एक स्पेशल NIA कोर्ट ने 2019 के पुलवामा आत्मघाती हमले की आरोपी इंशा जान उर्फ़ इंशा तारिक की ज़मानत अर्ज़ी खारिज कर दी है, जिसमें CRPF के 40 जवान मारे गए थे। कोर्ट ने कहा कि उसके खिलाफ़ आरोपों को पहली नज़र में साबित करने के लिए रिकॉर्ड में काफ़ी सबूत हैं। स्पेशल ज्यूडिशियल ऑफिसर प्रेम सागर ने अपने 15 पेज के ऑर्डर में कहा कि अनलॉफुल एक्टिविटीज़ (प्रिवेंशन) एक्ट (UAPA) के सेक्शन 43-D(5) के तहत कानूनी रोक भी आरोपी पर लागू होती है और इस स्टेज पर उसकी रिहाई को रोकती है। दक्षिण कश्मीर के पुलवामा ज़िले के हरकीपोरा गांव की रहने वाली जान को उसके पिता पीर तारिक अहमद शाह के साथ मार्च 2020 में गिरफ्तार किया गया था। कोर्ट ने 10 दिसंबर, 2022 को उसके खिलाफ़ आरोप तय किए थे। NIA चार्जशीट के मुताबिक, जान कथित तौर पर आतंकी साज़िश में शामिल थी और पाकिस्तानी आतंकवादी मोहम्मद उमर फारूक के लगातार संपर्क में थी। उन पर आरोपी आतंकवादियों को खाना, रहने की जगह और दूसरी लॉजिस्टिक मदद देने का आरोप है। इसके अलावा, हमले के बाद वायरल हुआ सुसाइड बॉम्बर आदिल अहमद डार का वीडियो कथित तौर पर 28 और 29 जनवरी को उनके घर पर रिकॉर्ड किया गया था। बचाव पक्ष ने लंबी जेल, ट्रायल में देरी और सेहत (स्किन की समस्या और सिरदर्द) का हवाला देते हुए ज़मानत मांगी थी। वहीं, NIA ने आरोपों की गंभीरता और UAPA की धारा 43-D(5) की पाबंदियों का हवाला देते हुए ज़मानत का कड़ा विरोध किया था। कोर्ट ने बचाव पक्ष की दलीलों को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि इस मामले में सिर्फ़ देरी ज़मानत का आधार नहीं हो सकती और ट्रायल अभी चल रहा है। कोर्ट ने यह भी कहा कि आरोपी की सेहत जानलेवा नहीं है, हालांकि जेल प्रशासन को उसे सभी ज़रूरी मेडिकल देखभाल देने का निर्देश दिया गया है।
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