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अब किसान होंगे खुश, नई टेक्नोलॉजी से एक पौधे से उगेंगे 60 आलू, दूसरे राज्यों को मिलेंगे बीज

  धान और गेहूं छोड़कर अब राज्य के किसान सब्जियों और बागवानी की तरफ बढ़ रहे हैं। पिछले कुछ सालों से आलू की खेती में किसानों की दिलचस्पी काफी बढ़ रही है। किसानों की इनकम बढ़ाने के लिए शामगढ़ में मौजूद 'आलू टेक्नोलॉजी सेंटर' ने एरोपोनिक टेक्नोलॉजी से एक सफल रिसर्च की है। इस टेक्नोलॉजी से एक ही पौधे से 60 मिनी ट्यूबर (बीज आलू) मिलेंगे। आलू के बीज प्रोडक्शन में यह क्रांति कई बड़े राज्यों के लिए 'गेम चेंजर' साबित होगी।

हरियाणा अब उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों की बीज की ज़रूरत को पूरा करेगा। राज्य में करीब 34 हज़ार हेक्टेयर एरिया में आलू की खेती होती है। इसमें पांच मुख्य किस्में शामिल हैं- कुफरी उदय, पुखराज, कुफरी मोहन, कुफरी चिप्सोना, कुफरी सूर्या, आनंद और पुष्कर। शामगढ़ सेंटर में आलू की एक नई वैरायटी "कुफरी उदय" पर रिसर्च की गई। इस तरह के पौधे में कंद बनने की स्पीड सबसे ज़्यादा पाई गई। इसके साथ ही, मिट्टी में न होने की वजह से यह बीज 100 परसेंट फंगस-फ्री, बैक्टीरिया-फ्री और वायरस-फ्री है।

एरोपोनिक टेक्नोलॉजी क्या है?

एरोपोनिक टेक्नोलॉजी खेती का एक मॉडर्न तरीका है, जिसमें पौधों की जड़ें मिट्टी या पानी के बजाय हवा में रहती हैं। इससे कम पानी और कम जगह में पौधा तेज़ी से बढ़ता है और ज़्यादा प्रोडक्शन मिलता है। इस टेक्निक में पौधे को हवा में लटकाकर जड़ों पर कंप्यूटर से चलने वाली मशीनों से न्यूट्रिएंट्स स्प्रे किए जाते हैं। इस सिस्टम से बीज प्रोडक्शन सात गुना बढ़ गया है, यानी एक पौधे से 60 बीज आलू मिले हैं। जबकि ट्रेडिशनल खेती और नेट हाउस में हर पौधे से सिर्फ़ आठ मिनी-कंद ही निकलते थे।

हरियाणा नए रिकॉर्ड के साथ दूसरे राज्यों की बीज की ज़रूरत पूरी करेगा
1. बिना मिट्टी और कोकोपीट के 'कुफरी उदय' वैरायटी में एरोपोनिक टेक्नोलॉजी पर हुई रिसर्च के पॉज़िटिव नतीजे मिले हैं। 2. इस खेती की टेक्नोलॉजी से हरियाणा में आलू के बीज का प्रोडक्शन सात गुना बढ़ जाएगा। 3. अभी तक पारंपरिक खेती से एक पौधे से सिर्फ़ 8 आलू मिलते हैं। 4. हरियाणा राज्य में 34 हज़ार हेक्टेयर एरिया में आलू की खेती होती है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और पश्चिम बंगाल तक फैलेगा नेटवर्क शामगढ़ आलू टेक्नोलॉजी सेंटर अभी दूसरे राज्यों को लगभग 4500 मीट्रिक टन अच्छी क्वालिटी के आलू के बीज भेज रहा है। नई रिसर्च में हर पौधे पर 60 मिनी ट्यूबर मिलने के बाद सेंटर की बीज प्रोडक्शन कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाएगी। अब देश के सबसे बड़े आलू उत्पादक बेल्ट वाले राज्यों को कवर करने का प्लान तैयार किया जा रहा है। अब हरियाणा अपने किसानों की ज़रूरतों को पूरा करने के साथ-साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और दूसरे बड़े राज्यों के किसानों को बड़े पैमाने पर आलू के बीज देने में पूरी तरह सक्षम होगा। "एरोपोनिक तकनीक से एक पौधे से 60 मिनी ट्यूबर मिलना हमारे लिए एक बड़ी बात है। हमारी पिछली रिसर्च में, हम सिर्फ़ 40 मिनी ट्यूबर ही उगा पाए थे, लेकिन यह बड़ी कामयाबी गंभीर स्टडी, सही न्यूट्रिएंट मैनेजमेंट और हमारे साइंटिस्ट की लगातार कोशिशों की वजह से मिली है। इससे हमारी कैपेसिटी कई गुना बढ़ जाएगी और हम दूसरे राज्यों को बीज देने के साथ-साथ उन्हें एक्सपोर्ट भी कर पाएंगे।"
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